श्याम प्रेमी होक तू काहे घबराता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम प्रेमी होकर तू काहे घबराता है,

ये तो तेरी किस्मत है तेरा श्याम से नाता है,

श्याम प्रेमी होक तू काहे घबराता है....

छा जाती है जब दुःख की बदलियाँ,

बरसात सुख की करता सांवरियां,

खुशियों से फिर नेहलाता है,

श्याम प्रेमी होकर............

लगती जो ठोकर गिरने ना देता,

बाहों में आकर ये थाम लेता,

और गल्ले से लग जाता है,

श्याम प्रेमी होकर........

क्यों डरता कुंदन मुश्किल गद्दी में,

जादू बड़ा इसकी मोर छड़ी में,

बाबा इसे जब लहराता है,

श्याम प्रेमी होकर..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।