जिद छोड़ दो सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिद छोड़ दो सांवरिया मेरी जान चली जावेगी,

दर्शन जो ना मिले तो मुझे तेरे साँस मेरी रुक जावे गी,

जिद छोड़ दो सांवरिया...

ओ कजरारे नैनो वाले एसा जद्दू चला दिया,

बिन देखे तुझे रहा ना जाए मन का चैन उदा दिया,

ये नैना आज खो जाऊ जो सूरत नजर ना अवे गी,

जिद छोड़ दो सांवरिया.....

सच पूछो तो ओ सांवरिया कोई कसूर ना मेरा है,

देख तेरी इस मुश्कान को दिल गायल हुआ मेरा है,

मुश्कान तेरी ना देखि ये राधा यही मर जावे गी,

जिद छोड़ दो सांवरिया...

कहे करिश्मा ओ सांवरिया बंसी मधुर बजाते हो,

जो सुने वो खो जाये तुझमे मीठी तान सुनते हो,

आज धुन बाजावन बंसी की तुझे नाच ये जोगन नचावे गी,

जिद छोड़ दो सांवरिया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।