श्याम सा दानी जगत में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सा दानी जगत में और दूजा है नही,

और दूजा है नही रे और दूजा है नही,

मांग लो मेरे यार श्याम से ये कभी नटता नही,

बेठा है दरबार लगा के आजमा के देख लो ॥

हार के जो भी आ जाए खाली वो जाता नही,

श्याम सा दानी जगत में......

सबको एक तराजू से तू तोले खाटू वाला संवारा,

सब है नजरो में बराबर फर्क ये करता नही,

श्याम सा दानी जगत में........

सेठ संवारा बाँट रहा है चाहे जितना लूट लो,

देने पर जब ये आ जाये कंजूसी ये करता नही,

श्याम सा दानी जगत में........

अपना सब कुछ देने वाला ना कभी इनकार करे,

दीनू इन्दोरिया लख दात्री और दूजा है नही,

श्याम सा दानी जगत में...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।