॥ पावन पाठ ॥
सारी खुशिया घर आंगन है खुश मेरा परिवार है,
तेरा उपकार है तेरा उपकार है,
इस लायक मैं नही संवारे फिर भी लुटाया प्यार है,
तेरा उपकार है तेरा उपकार है,
ये तेरी किरपा है ठाकुर सुख आनंद से जी ते है,
हार भी हमसे हार गई हर बाजी हम जीते है,
मेरे इस जीवन में संवारे एहम तेरा किरदार है,
तेरा उपकार है तेरा उपकार है,
बड़े भग्य है मेरे जो तुम जैसा मालिक पाया है,
तेरी तनखा से बाबा ये घर संसार बनाया है,
जब जब मुझको पड़ी जरूत संग रहा हर बार है,
तेरा उपकार है तेरा उपकार है,...
देख के दुनिया दारी को ये नाजुक दिल घबराता है,
तीन बाण का चीन मुझे फिर से विश्वास दिलाता है,
क्यों चिंता करते गोलू जब बेठा लखदातार है,
तेरा उपकार है तेरा उपकार है,