संकटमोचन जग में कहता है जो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

संकटमोचन जग में कहता है जो,

मरघट वाला है वो,

दुख्बंजन जग में कहाता है जो,

मरघट वाला है वो,

सबका का सहारा मरघट वाला है वो,

राम चरणों में जिसका सदा ध्यान है,

करता भक्तो का हरदम वो कल्याण है,

राम भक्तो में सबका सरताज जो,

मरघट वाला है वो......

लाज भक्तो की हरदम बचाता ज़रा,

पार बेडा सभी का लगता सदा,

उजड़ी कलियाँ मन की खिलाता है जो,

मरघट वाला है वो...........

दर पे आये की रक्षा है करता सदा,

संकट दुखियो के पल में हरता सदा,

दामन खुशियों से सबका भरता है जो,

मरघट वाला है वो..........

जब देता नही साथ जग में कोई,

अपना साया भी हो जाए जब अजनबी,

हाथ एसे में अपना बडाता है जो,

मरघट वाला है वो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।