तूने पकड़ी कलाई मज़ा आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरे तेरे दर आया जब हारकर,

तूने पकड़ी कलाई मज़ा आ गया ॥

मेरे अपनों ने मुझको सताया बहुत,

हसना चाहा तो पल पल रुलाया बहुत,

रोते रोते जो पौंचा मैं खाटू नगर,

ज़िन्दगी मुस्कराई तो मजा आ गया,

साँवरे तेरे दर आया जब हारकर,

ख्वाब देखे थे जो पुरे वो हो रहे,

राहे मुश्किल भी आसन लगने लगी,

तेरी रहमत की एसी हुई है नजर,

किस्मत रंग लाई देखो मजा आ गया,

साँवरे तेरे दर आया जब हारकर,

तेरी किरपा से इज्जत और शोरत मिली,

मुझे दोलत भी तेरी बदोलत मिली,

तेरा गुण गान कर गया जीवन सवर,

प्रीत एसी निभाई की मजा आ गया,

साँवरे तेरे दर आया जब हारकर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।