सुनरी यशोदा मैया तेरा लाला कन्हैया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनरी यशोदा मैया तेरा काला कन्हैया,

मटकीया फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

बाज आता नहीं,शर्म आता नहीं,

कोई आके इसे समझाता नहीं,

तेरा ये लाल मैया करे बेहाल मैया,,

मटकी फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

सुनरी यशोदा........

बड़ा नटखट है वो आता पनघट पे वो,

चीर चुराता है वो तंग करता है वो,

टेडी है चाल मैया टेडा है हाल मैया,

मटकी फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

सुनरी यशोदा........

ग्वाले भूलता है वो और रुलाता है वो,

पीछे बागे पकड़ में ना आता है वो,

गुन्गराले बाल मैया तेरा है लाल मैया,

मटकी फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

सुनरी यशोदा........

मैं तो हारी मैया सो सो वारी मैया,

तेरा बाज ना आता मुरारी मैया,

कहू का हाल मैया तेरा ये लाल मैया,

मटकी फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

सुनरी यशोदा........

माखन खाता है वो और लुटता है वो,

जड़ के शिके ते मटकी गिरता है वो,

मटकनी चाल मैया नैना विशाल मैया,

मटकी फोड़ गया दूध दही रोड़ गया,

सुनरी यशोदा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।