अब भोर भई जागो जागो भवानी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अब भोर भई जागो जागो भवानी माँ,

सुबह ले आई नाइ रोशनी,

जागो जागो भवानी माँ.....

बीत गई है रात अँधेरी सूरज लाया नया उजाला,

तेरे भवनों पे लग गई कतारे सभी मिल के पुकारे तेरा नाम,

अब भोर भई जागो जागो भवानी माँ...

नदिया कल कल बेहती छल छल कोयल कु कु गाने लगी है,

जय माँ जय माँ के गूंजे जयकारे सभी मिलके पुकारे तेरा नाम,

अब भोर भई जागो जागो भवानी माँ.......

दरस दिखा कर भाग जगा दो भव में नैया पार लगा दो,

कलयुग तेरे नाम का अधारा सभी मिल के पुकारे तेरा नाम,

अब भोर भई जागो जागो भवानी माँ.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।