साईं क्या मिले सब कुछ मिल गए

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मुझ को जमीन आसमान मिल गई,

साईं क्या मिले सब कुछ मिल गए ।

मुझ को जमीन आसमान मिल गई,

साईं क्या मिले हर ख़ुशी मिल गई ॥

कैसा बेअरुखा था जीवन कैसी बेबसी,

रूठ गई थी मुझसे कब की हर ख़ुशी ।

मेहर हो गए मेहरबान मिल गए,

साईं क्या मिले सब कुछ मिल गए ॥

हर जनम में ध्यान अधुरा छोड़ आई है,

पन्ने जैसे जान के हम मोड़ आई हैं ।

साईं में ही गीता कुरान मिल गए,

साईं क्या मिले सब कुछ मिल गए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।