तेरा मंगल हॉवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन रानी सती दादी भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंगल पाठ करो दादी का दादी जी खुश हॉवे तेरा मंगल हॉवे,

जीवन भर तू मौज उडावे खोटी तान के सोवे,

तेरा मंगल हॉवे.....

पाटे पे दादी की फोटो पहल पहल सजाओ,

पुष्प चढाओ तिलक लगाओ चरणा धोक लगाओ,

धुप दीप से दादी जी का बंदे बंधन होए,

तेरा मंगल हॉवे,

सुबह सवेरे मंगल करलो चाहे जो श्याम करना,

मौका मिले तुझे जब प्यारे महिमा गान करना,

उतम गद्दी वाही होती जब माँ का मंगल हॉवे,

तेरा मंगल हॉवे....

नोमी तिथि को करना चाहे,मंगल वार को करना,

अमावश के दिन दादी जी का मंगला चार तू करना,

शुदी और सफाई का ध्यान सदा हॉवे,

तेरा मंगल हॉवे.....

मंगल पाठ के बीच में भक्त तू आसन कभी न छोड़ो,

दादी जी के श्री चरणों में मन की ढोरी को जोगो,

हर्ष कहे दादी की दया से घर खुशाहाली हॉवे,

तेरा मंगल हॉवे............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।