जिनके घर में श्याम विराजे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिनके घर में श्याम विराजे उनको चिंता होती नही,

जिन आँखों ने श्याम को देखा वो आंखे कभी रोती नही,

उनके घर में कही ना कही पे जय श्री श्याम लिखा होगा,

तीन बाण के निशान के निचे हारे का सहारा लिखा होगा,

इतना अटल विश्वास हो जिनको उनकी हार होती नही,

जिस घर में श्याम विराजे........

उस घर के कोने कोने में इतर महक ता रहता है,

दिल की हर धड़कन से उनकी भाव भजन ही निकल ता है,

जिन हाथो से भोग लगाया उनसे गलती होती नही,

जिस घर में श्याम विराजे......

उस घर में मेहमान को प्यारे श्याम का प्रेमी कहते है,

समय देख के बिन भोजन के जाने नही वो देते है,

ऐसे घर में सच में कन्हियाँ कोई कमी कभी होती नही,

जिस घर में श्याम विराजे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।