बड़े नसीब से खुशियों की घडी आई है

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बड़े नसीब से खुशियों की घडी आई है,

तेरे दरबार में क्या राजा क्या भिखारी माँ,

कचेरी फर्श पर सरकार ने लगाई है,

बड़े नसीब से

उजाला हो गया जोती का सारी दुनिया में,

किसी गरीब की कुटिया भी जग मगाई है,

बड़े नसीब से

रहम राम जी करते है एसे बन्दों पर,

के जिनके मन में थोड़ी सी भी सचाई है,

बड़े नसीब से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।