तुम ही श्याम अपने

नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम ही श्याम अपने सगरे पराये,

काम पड़ा तो तुम्ही श्याम आये,

कहते थे खुद को जो जीवन के संगी,

बदले गा जमाना बदले गये ना कभी,

भागे जुरेन भागे सूरज उगाहे,

काम पड़ा तो तुम्ही काम आये,

तुम ही श्याम अपने.......

दुनिया के मेले में तुमको भुलाया,

कभी नाम तेरा जुबा पे ना लाया,

फिर भी पुकार सुन तुम दोह्ड़े आये,

काम पड़ा तो तुम्ही काम आये,

तुम ही श्याम अपने.......

अच्छा हुआ जो बुरा वक़्त आया,

अपने पराये को मैं जान पाया,

टुटा बरम चलो गंगा नहाये,

काम पड़ा तो तुम्ही काम आये,

तुम ही श्याम अपने.......

अनमोल है तेरी दया के फसाने,

तू हा अजब तेरे अजब है दीवाने,

नंदू दीवानों के संग अलख जगाये,

काम पड़ा तो तुम्ही काम आये,

तुम ही श्याम अपने.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।