सुबह सुबह जब मेरी आंखे

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुबह सुबह जब मेरी आंखे खुलती है आँखों के सामने बस आरती घुमती है,

तेरे इतर की खुशबू से ये दुनिया महक ती है,

सिंगार सुंदर सजा हुआ होता है,

प्रेमियों से मंदिर भरा हुआ होता है,

प्रेमी के दिल की बात कानो में गूंजती है,

सुबह सुबह जब मेरी आंखे.......

एक एक प्रेमी का काम बने गा,

थोरा धीर रखना सबका जीवन सजे गा,

जजों खाटू आते है उन्हें दुनिया ढूंड ती है,

सुबह सुबह जब मेरी आंखे.....

गमंद ना बहाता पाखंड ना बहाता,

कोई भी कन्हिया बाकी खाली ना जाता,

हारे का सहारा है ये दुनिया जानती है,

सुबह सुबह जब मेरी आंखे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।