आज अंधेरे में है हम इंसान

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॥ पावन पाठ ॥

आज अंधेरे में है हम इंसान,

ज्ञान का सूरज चमका दे भगवान

आज अंधेरे में है हम इंसान,

ज्ञान का सूरज चमका दे भगवान

भटक रहे हमें राह दिखा दे,

भगवान राह दिखा दे

भटक रहे हमें राह दिखा दे,

भगवान राह दिखा दे

कदम कदम पर किरण बिछा दे,

भगवन किरण बिछा दे

कदम कदम पर किरण बिछा दे,

भगवन किरण बिछा दे

इन् अखियन को प्रभु करा दे,

इन् अखियन को प्रभु करा दे,

ज्योति से पहचान

ज्योति से पहचान

आज अंधेरे में है हम इंसान,

ज्ञान का सूरज चमका दे भगवान

हम तो है संतान तिहारी,

प्रभु संतान तिहारी

हम तो है संतान तिहारी,

प्रभु संतान तिहारी

तेरी दया के हम अधिकारी,

प्रभु है हम अधिकारी

तेरी दया के हम अधिकारी,

प्रभु है हम अधिकारी

दुनिया होवे सुखी हमारी,

दुनिया होवे सुखी हमारी,

ऐसा दे वरदान

ऐसा दे वरदान

आज अंधेरे में है हम इंसान

ज्ञान का सूरज चमका दे भगवान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।