आओ आओ जी एक बार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आओ जी आओ एक बार भवानी,

मेरे घर में पधारो एक बार भवानी,

आओ आओ जी एक बार.......

करो किरपा जगदम्बे भवानी,

उचे पहाड़ो से आओ महारानी,

अपने भक्तो में करो उपकार भवानी,

आओ आओ जी एक बार....

बजरंगी को साथ में लाओ,

भेहरो जी को साथ लाओ,

आओ जी शेर पे सवार भवानी,

आओ आओ जी एक बार.....

लाल चुनरिया ओडके आना,

अपने भक्त को भूल ना जाना,

मेरे भी घर फेरा पाओ भवानी,

आओ आओ जी एक बार....

एक नजर माँ हमपे करदो,

अपनी दया से झोली भरदो,

खोलो दया के भंगार भवानी,

आओ आओ जी एक बार.....

तेरे बिन माँ कौन हमारा,

बाह पकडलो देदो सहारा,

सच्चा है तेरा दरबार भवानी,

आओ आओ जी एक बार......

आज रखा तेरा जगराता,

आज गिरी तुझे भजन सुनाता,

मेरा भी करदो बेडा पार भवानी,

आओ आओ जी एक बार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।