मेरे मन के मंदिर में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन के छोटे मंदिर में मेरा श्याम सलोना रहता है,

कुछ मेरी बाते सुनता है कुछ आओनी बाते सुनता है,

मेरे मन के छोटे मंदिर ........

तुझे खोज लिया सारे जग में पर दिल में नजर तू आया है,

झुक कर देखा अंतर मनन में होले से तू मुश्काया है,

कभी श्याम रूप में आता है कभी बाल रूप दिखलाता है,

मेरे मन के छोटे मंदिर .....

तुझको पा कर के सांवरिया हम सारी दुनिया भूल गए,

छोटी सी अपनी दुनिया में हम तो इतने मशहूर हुए,

अब आठो पैर इन अंखियो में तेरा प्यारा मुखड़ा रहता है,

मेरे मन के छोटे मंदिर .......

जब बंद करू इन नैनो को नैनो में नजर तू आता है,

जब खोलता हु इन पलकों को जाने कहा खो जाता है,

तेरा श्याम तुम्हारी लीला को गा गा कर के हर्सता है,

मेरे मन के छोटे मंदिर .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।