मेरा लाख टके का झुनझुना

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा लाख टके का झुनझुना,

में तो ल्याई कटरा से मोल,

झनाझन झनाझन झनाझन बाजे झुनझुना,

हे मैं तो ल्याई कटरा से मोल......

मेरे झुनझुने में मने राम जी दिखे हैं,

हे साथ में दिखे मुझे,

हो साथ में दिखे मुझे सीता माता,

झनाझन झनाझन झनाझन बाजे झुनझुना,

हे साथ में दिखाई दे सीता मात,

झनाझन बाजे झुनझुना..........

मेरे झुनझुने में मने भोले जी दिखे हैं

हे साथ में दिखे मुझे

हो साथ में दिखे मुझे गोरा माता

झना झन झना झन झना झन बाजे झुनझुना,

हे साथ में दिखे मुझे गोरा माता

झना झन बाजे झुनझुना.........

मेरे झुनझुने में मने कृष्ण जी दिखे हैं,

हे साथ में दिखे मुझे,

हे साथ में दिखे मुझे राधा माता,

झना झन झना झन झना झन बाजे झुनझुना,

हे साथ में दिखाई दे मुझे राधा माता,

झना झन बाजे झुनझुना.........

मेरे झुनझुने में मुझे शेरावाली दिखे

हे जैसे आयी होकर

हो जैसे आयी होकर शेर सवार

झना झन झना झन झना झन बाजे झुनझुना

हो जैसे आयी होकर शेर सवार

झना झन बाजे झुनझुना....

हे मेरा लाख टके का झुनझुना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।