मईया सब रूप तेरा प्यारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया सब रूप तेरा प्यारा,

है दसो दिशा में जयकारा,

विष्णुमाया रूप प्यारा,

चेतनारूप तेरा प्यारा,

बुद्धिरूप तेरा प्यारा,

निद्रारूप तेरा प्यारा,

मईया सब रूप तेरा प्यारा...........

क्षुधारूप तेरा प्यारा,

छायारूप तेरा प्यारा,

शक्तिरूप तेरा प्यारा,

तृष्णारूप तेरा प्यारा,

मईया सब रूप तेरा प्यारा............

क्षान्तिरूप तेरा प्यारा,

जातिरूप तेरा प्यारा,

लज्जारूप तेरा प्यारा,

शान्तिरूप तेरा प्यारा,

श्रद्धारूप तेरा प्यारा,

मईया सब रूप तेरा प्यारा.......

कान्तिरूप तेरा प्यारा,

लक्ष्मीरूप तेरा प्यारा,

बृत्तिरूप तेरा प्यारा,

स्मृतिरुप तेरा प्यारा,

मईया सब रूप तेरा प्यारा.......

दयारूप तेरा प्यारा,

तुष्टिरूप तेरा प्यारा,

मातृरूप तेरा प्यारा,

भ्रान्तिरूप तेरा प्यारा,

मईया सब रूप तेरा प्यारा,

है दसो दिशा में जयकारा......

आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।