दरबार तुम्हारा श्याम दुनिया से निरला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरबार तुम्हारा श्याम दुनिया से निरला है,

तेरी मस्ती का रंग ऐसा हर कोई मतवाला है,

तेरी ज्योतिका चम् चम् चमके उजारा है,

रंगी फिजा तेरी बड़ा दिलकश नजारा है,

तेरे दर पर लगा बाबा खुशियों का मेला है,

दरबार तुम्हारा श्याम दुनिया से निरला है

सिमटे है सभी तीर्थ तेरे दर में मेरे दाता,

दर्शन सब धमो का तेरे दर पे मिल जाता,

भक्ति खुशबू का याहा रंग निराला है,

दरबार तुम्हारा श्याम दुनिया से निरला है

चोकथ निराली ये दामन भर जाता है,

रिधि सिद्ध बेठी दर पे कोई खली ना जाता है,

सुरेश मगन पी के तेरे नाम का प्याला है,

दरबार तुम्हारा श्याम दुनिया से निरला है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।