जबसे मिला तू संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे मिला तू संवारे किस्मत सवर गई,

मेरी अँधेरी ज़िन्दगी अब रोशन हो गई,

जबसे मिला तू संवारे ..........

खेता रहा हु नाव मैं पतवार के बिना,

जन्मो जन्मो का संवारे तेरा दास मैं बना,

तेरी दया से अब मेरी हालत सुधर गी,

जबसे मिला तू संवारे ............

खाता रहा हु ठोकरे दर दर की मैं सदा,

हाथो को तूने थाम के चलना सिखा दिया,

तूने दखाई राह को मंजिल ही मिल गी,

जबसे मिला तू संवारे ...........

बाबा कभी ना छोड़ना अब साथ तू मेरा,

यु ही सदा तू थामाना अब हाथ ये मेरा,

तेरी मेहर से हर्ष की बगिया निखर गई,

जबसे मिला तू संवारे ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।