रोज मेरी दीवाली तेरे दर्शन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रोज मेरी दीवाली तेरे दर्शन मुझको हो जाते,

तेरी किरपा के चलते ही बाबा मौज उड़ाते,

पूछते है लोक सारे कैसी है दिवाली,

संवारे की लोह मैंने दिल में जगा ली,

धनतेरस की लक्ष्मी बरखा आंबे रोज लुतादे

रोज मेरी दीवाली.........

पाके तुह्ज्को निखर गया हु,

पहले से ज्यदा सवार गया हु,

रूप चोदास की तरह रोज तुम मुझको हो चमकाते,

रोज मेरी दीवाली...........

रोज तेरे नाम के दीप जलाऊ,

श्याम कहे अपनी सबको बातू,

माबस के सारे अन्ध्यारे घर से दूर भगा दे,

रोज मेरी दीवाली..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।