रख भरोसा दाती ते

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रख भरोसा दाती ते,तेरी बेडी पार लगाये गी,

दिल दी एक आवाज ते दाती दोडी दोडी आये गी,

रख भरोसा दाती ते........

एवे हिमत हार ना चलिया एवे न घबराया कर,

सुख दुःख अपना संकट अपना उसनू खोल सुनाया कर,

अथुरु पुंज के तेरे तेनु सीने अपने लगायेगी रख भरोसा,

रख भरोसा दाती ते........

कई वारी लेनदी परीक्षा अपने प्यारे बंदियां दी,

खबर हमेशा रखदा है पर सब दुखारे बन्दिया दी,

तेरे एक एक दुःख बदले सुख तेनु पौन्चाएगी,

रख भरोसा दाती ते........

दुःख दे विच शिकवा नही करदा सुख दे विच हंकार नही,

दुनिया दे विच रह के वी जो बनिया दुनिया दार नही,

झंदियावली दा प्यारा फिर आखिर ओही कहलाये गा,

रख भरोसा दाती ते........

हर मुश्किल जीवन विच साहिल आज आनी कल जनि है,

आंदी रेह्न्दी जांदी रेह्न्दी जो दरया दा पानी है,

आणि जानी माया दा की जो आया सो जाये गा,

रख भरोसा साईं ते

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।