करलो दर्शन दर्शन नि संगते सोहने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कोई कहे तेनु जय जय शंकर कोई भोले नाथ,

नागा दी माला गले विच भूता दा साथ,

करलो दर्शन दर्शन नि संगते सोहने दीदार,

जग नु एहे पालनहार लगदा है बड़ा प्यारा,

बेल दी करे सवारी दुनिया गाये महिमा सारी,

हर कोई आखे आखे एह्नु भोले भंडार,

करलो दर्शन दर्शन नि संगते सोहने दीदार,

पीते इसने ज़हर प्याले उसदे ने खेल निराले,

कोई जन अमर हो जांदे करदे जींद नाथ हवाले,

झुकड़ा दर ते दर ते सारा संसार,

करलो दर्शन दर्शन नि संगते सोहने,

हाथ विच त्रिशूल है फब दा डम डम डमरू वाजदा,

करले फर्यादा दर्शन ओह ता है वाली जग दा,

ओ तर जांदे जांदे जो करदे दर्श एक बार,

करलो दर्शन दर्शन नि संगते सोहने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।