तुम आना शेरावाली मेरे मकान में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तुम आना शेरावाली मेरे मकान में,

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के गणपति जी आ गये,

संग रिधि सीधी लाना मेरे माकन में,

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के ब्रह्मा जी आ गये,

संग ब्रह्मणि को लाना मेरे माकन में,

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के विष्णु जी आ गये,

संग लक्ष्मी को लाना मेरे माकन में,

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के राम जी आ गये

संग सीता जी को लाये मेरे मकान में

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के श्याम जी आ गये

संग राधा जी को लाये मेरे मकान में

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

तेरी पायल की गुन सुन के शिवजी आ गये

संग गौरा जी को लाये मेरे मकान में

तेरी छम छम पायल बाजे सारे जहान में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।