माँ से मिलन का शुभ दिन आया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ से मिलन का शुभ दिन आया,

माँ से मिलन की घडी आई,

माँ के अंचल में जनक है सेवा में सुखसार है,

माँ के आशीर्वाद से मिटते दुनिया के दुःख सार है,

बिगड़ी बनाये भाग्य जगाये,

मैया की चरणों की परछाई,

माँ से मिलन का शुभ दिन आया.....

आजा माँ दो बाते करले दिल की परते खोल दे,

और उसे जो कह नही पाए एक दूजे से बोल दे,

बस तुही जाने बस मैं है जानू रिश्ते की अपने माँ गहराई,

माँ से मिलन का शुभ दिन आया....

माँ तेरी ममता का साया बचो पर दिन रात हो,

साहिल केसर पर जगदम्बे हर दम तेरा हाथ हो,

शुकर गुजरू तन मन वारु मांगे बिना हर ख़ुशी पाई

माँ से मिलन का शुभ दिन आया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।