राम नाम की नईया लेकर

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम की नईया लेकर

राम नाम की, नईया लेकर, सतगुरु करे पुकार ॥

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

इस नईया में, जो कोई, चढ़ जायेगा ।

जनम जनम का, पाप सभी, धुल जायेगा ॥

कटे, चौरासी, के बंधन... ॥न पड़े, यम की मार,

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

राम, नाम की, नईया लेकर...

जीवन नईया, सौंप दे, मेरे हाथों में ।

स्वांस, स्वांस को, आने दो, मेरी यादों में ॥

पाप पुन्य का, बनकर आया... ॥मैं तेरा ठेकेदार,

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

राम, नाम की, नईया लेकर...

पाप गठरिया, शीश धरी, कैसे आऊँ ।

अपने ही, अवगुणों पे, मैं तो शरमाऊँ ॥।

नईया तेरी, साची भगवन... ॥मेरे पाप हज़ार,

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

राम, नाम की, नईया लेकर...

कर के दया, सतगुरु ने, चुनरिया रंग डाली ।

जनम, जनम की, मैली, चादर धो डाली ॥

दाग, पड़ी थी, मेरी चुनरिया... ॥हो गई लालम लाल,

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

राम, नाम की, नईया लेकर...

बड़े भाग्य से, सतगुरु, जी का प्यार मिला ।

हम भक्तों को, जीने, का अधिकार मिला ॥

लगे डूबने, बीच भंवर में... ॥आ गया खेवन हार,

आजा, मेरी नईया में, ले चलूँ, भव से पार ॥

राम, नाम की, नईया लेकर...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।