भोजपुरी पचरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हाथ तलवार लेके शेर के सवरिया आहो म मायरिया हमरी न

तनिका सुनतू करीं पुकरिया हो मयरिया हमरी न

१.जग में तहरों डंका बाजे माथे हो मुकुटवा साजे-

कि तोहरी महिमा अगम अपार हो मेहरिया हमारी ना

२.नाम सुन के राछस कांपे भूत प्रेत डर के भागे -2

माई मोरी दुर्गा सुना पुकरिया हो मारिया हमरी न

कि तनिका...…...।

३.तोहके पूरी दुनिया जाने ब्रह्मा विष्णु तोहके माने -2

तोहके पूजे सारा जहनवां हो मयरिया हमरी न

कि तनिका...।

भजन लेखक-हरिवंश प्रताप

मोबाइल न०-8765674570

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।