सारी गोपियों में मच गया शोर कन्हईया मेरा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारी गोपियों में मच गया शोर

सारी, गोपियों में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

मेरा, है जी, मेरा है ॥

तेरा, नहीं वोह, मेरा है ।

पूरी, दुनियाँ में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

शँकर बोले, मेरा ब्रह्मा, विष्णु बोले, मेरा है ॥

सारे, देवों में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

फ़ूल बोले, मेरा है, कलियाँ बोले, मेरा है ॥

सारी, बगिया में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

गंगा बोले, मेरा है, यमुना बोले, मेरा है ॥

सारे, सरयू में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

जल बोले, मेरा है, वायु बोले, मेरा है ॥

सारी, धरती में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

राधा बोले, मेरा है, मीराँ बोले, मेरा है ॥

सारी सखियों में, मच गया शोर,

कन्हईया, मेरा है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

मईया बोले, मेरा है, भक्त बोले, मेरा है ॥

सारे, जग का है, तारण हार,

कन्हईया, सब का है ॥

सारी, गोपियों में, मच गया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।