सारी दुनियाँ में मच गयो शोर

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनियाँ में मच गयो शोर

सारी, दुनियाँ में, मच गयो शोर, गज़ानंद मेरो है ॥

मेरो, है गज़ानंद, मेरो है ॥

पूरी, दुनियाँ में, मच गयो शोर, गज़ानंद मेरो है ।

सारी, दुनियाँ में, मच गयो शोर, गज़ानंद...

कोई कहे मेरो, कोई कहे मेरो ॥

मैं तो कहूँ... जय हो ॥।बजाके ढोल, गज़ानंद मेरो है ।

मेरो, है गज़ानंद, मेरो है ॥

सारी, दुनियाँ में, मच गयो शोर, गज़ानंद...

कोई कहे भारी, कोई कहे हल्का ॥

मैंने लियो... जय हो ॥।तराज़ू तोल...

कोई कहे पतला, कोई कई मोटा ॥

मेरा गणपति... जय हो ॥।गोल मटोल...

कोई कहे नटखट, कोई कहे सीधा ॥

मेरो गणपति... जय हो ॥।करे मख़ौल...

कोई कहे लम्बा, कोई कहे छोटा ॥

मैनें लियो... जय हो ॥।फ़ीता से नाप...

कोई कहे मंहगा, कोई कड़े सस्ता ॥

मेरो गणपति... जय हो ॥।है अनमोल...

मुंबई कहे मेरो, दिल्ली भी कहे मेरो ॥

मैं तो कहूँ... जय हो ॥।बजाके ढोल...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।