मेरे गणपति जी महाराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गणपति जी महाराज

मेरे, गणपति जी, महाराज,

हमारे घर, आ जाना ॥

आ, जाना देवा, आ जाना ॥

हे शिव, गौरां के लाल,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

चंदन, चौकी पे, तुमको बिठाएँगे ।

केसर, रौली का, तिलक लगाएँगे ॥

हम, कर रहें, तेरा इंतज़ार,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

रोज़, सवेरे तेरी, आरती करेंगे ।

भोग, लगाके तेरी, पूजा करेंगे ॥

तेरा नाम, जपेंगे सुबह शाम,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

एक, पंथ दो, काज़ करेंगे ।

तेरी, कृपा से मेरे, कष्ट मिटेंगे ॥

हम, भक्तों की, सुन लो पुकार,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

जब तक, सूरज, चाँद रहेगा ।

सारा, जगत तेरा, नाम रटेगा ॥

ओ देवा, रखना, हमारी लाज़,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

हम, सब मिलकर, तेरे दर आए ।

चरणों में, देवा तेरे, शीश झुकाए ॥

मैं तो, बिनती करूँ, बारंबार,

हमारे घर, आ जाना ।

मेरे, गणपति जी, महाराज...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।