भानुं घर बाजी आज बधाई, प्रेम रूप अवतार राधिका, बरसाने में आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भानुं घर बाजी आज बधाई, प्रेम रूप अवतार राधिका, बरसाने में आई ।।

हरि-प्रिया गोलोक भवानी, दिव्यरूपा शोभा की खानी,

पराशक्ति भगती महारानी, वेद पुराण बखान करें गुण, थाह नारद न पाई-भानुं घर.

कीर्ति कुंवरी भानुं दुलारी, गौर बदन, चंदा सी प्यारी,

आलौकिक कन्या सुकुमारी, मुख मंडल पर तेज निराला, दरस परम सुखदाई-भानुं घर.

पलनां में पड़ी गोप-किशोरी, मृगनयनी चंचल रस-भोरी,

अंग अंग रंग-रस विभोरी, बिखरी मधुर सुगुन्ध गगन में, महक उठी पुरवाई-भानुं घर.

संपदा के घन गर्ज रहे हैं, चंदन केसर बरस रहे हैं, जन गण मन सब हर्ष रहे हैं,

झूम झूमकर नाचे 'मधुप' मन, बाज रही, शहिनाई-भानुं घर.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।