राधे चरणों में अपने बिठा लो मुझे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे चरणों में अपने बिठालो मुझे ,

श्यामा चरणों में अपने बिठालो मुझे

दास प्यारी जू अपना बनालो मुझे,

1,पागल हूँ मैं जन्म जन्म का ,नित उठ दर्श करुं

जब भी जन्म हो इस धरती पर, चरणों में तेरे मरुं,

-अपने सीने से प्यारी लगालो मुझे,राधे चरणों में ,

2,तुझको रिझाते जीवन बीता रीझी ना तुम राधे

बृजवासी और ग्वाल बाल सब तेरे बिना हैं आधे

-बरसाने में अब तो बसालो मुझे ,राधे चरणों में,

,

3,पूजा पाठ न कुछ भी आता जगत में है आसक्ति

मरते दम तक चाहता कृष्णा राधे तेरी भक्ति

-झूठे जग से किशोरी बचालो मुझे, राधे चरणों में,

लेखक गायक -आचार्य कृष्णा जी महाराज

8006253715

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।