मेरे श्याम मुझको भुला तो ना दोगे ( दीनू इन्दोरिया )

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्जः मेरे प्यार को तुम भुला

मेरे श्याम मुझको भुला तो ना दोगे

मेरे श्याम मुसको भुला तो ना दोगे

कही मुझसे दामन छड़ा तो ना दोगे

चरणो का पुजारी हू चरणो में जगह देना

तेरे दर पे आया हू मुसको अपना लेना

मुझको अपना लेना-2

पागल समझ के मुला तो ना दोगे

एक तेरा सहारा है कोई ना हमारा है

इस झुठी दुनिया मे तुही तो सहारा है -2

दामन थमा के भुला तो ना दोगे

इन्दोरिया दीनू को भव पार लगा कान्हा

सूरजीत वेदी को बाबा अपना लेना

बाबा अपना लेना-2

टुटी कस्ती किनारे लगा ही तो दोगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।