बाल गणेशा पिता महेशा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बाल गणेशा पिता महेशा

बाल, गणेशा, पिता महेशा ॥

घर मेरे, आईयो रे, कि रंग, बरसाईयो रे ।

तेरे लिए, बप्पा मैंने, कलश भराया ॥

फूलों से, घर अंगना, सजाया ॥

ओ धीरे-धीरे, आईयो रे,

कि रंग, बरसाईयो रे ।

बाल गणेशा, पिता महेशा...

स्वर्ण, सिंहासन, आन बिराजो ।

पीला, पीतांबर, तन पर साजो ॥

ओ छम छम, आइयो रे,

कि रंग, बरसाईयो रे ।

बाल गणेशा, पिता महेशा...

मेवा, मोदक का, भोग लगाओ ।

संग, में रिद्धि, सिद्धि को लाओ ॥

ओ शुभ, लाभ को भी, लाईयो रे,

कि रंग, बरसाईयो रे ।

बाल गणेशा, पिता महेशा...

सत्संग, में तुम्हें, भक्तों ने बुलाया ।

गज़ब, का तेरा, दरबार लगाया ॥

ओ जलवा, दिखाईयो रे,

कि रंग, बरसाईयो रे ।

बाल गणेशा, पिता महेशा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।