सूरजगढ़ निशान मै तू जाके देखले (दीनू इन्दोरिया )

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज :- सूरजगढ निशान

सूरजगढ़ निशान मै तू जाके देखले

मोरछडी को झाड़ो तू लगवा के देखले

लगवा के देखले रै आजमा के देखले

फागण सुदी छ: ठ नै तू जाके देखले

भगता की भीड़ घणी सागै देखले

पंघा अभाणी सिर पे सिगड़ी लाके देखले

खाली झोली बाबा सै भरवा के देखले

नंदी ओर घाटी का पर्चा जाके देखले

लील घोड़े उपर बाबो आतो देखले

कोसिया टीब पे भाया जाकै देखले

अंजनी को लालो भाया सागै देखले

बारस के दिन शिखरबन्ध पे निशान देखले

हजारी भगत नै मन्दिर माही जाता देखले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।