मैं तो कहूंगी बजाकर ढोल

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो कहूंगी बजा के ढोल गणपति मेरा है मेरा है वह तो मेरा है, मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे मोटा कोई कहे पतला-2

मैंने लिया तराजू तोल गणपति मेरा है

मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे महंगा कोई कहे सस्ता-2

मैंने लिया प्रेम के मोल, गणपति मेरा है मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

कोई कहे गोरा कोई कहे काला-2

मेरा गणपति है चितचोर, गणपति मेरा है

मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

गोरा कहे मेरा भोले कहे मेरा-2

वह तो खींच आया भगतो ओर

गणपति मेरा है मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

मैं गणपति की गणपति मेरा -2

चाहे सारे मचाओ शोर गिरधर मेरा है मैं तो कहूंगी बजा के ढोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।