सूरजगढ़ निशान के नीचे ( दीनू इन्दोरिया )

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज :- कुण जाणै या माया

सूरजगढ़ निशान के निचे जो भी आया है

खाटू वाले श्याम ने उसका भाग्य जगाया है

ना जाने कितने भगतो का इस निशान में तप बल है

इसलिए तो युगों युगों से ये सफेद है उज्जवल है

सदियों से ये श्याम शिखर पे चढ़ता आया है

सूरजगढ़ से पैदल चलके श्याम का ध्यान लगकर के

बुढ़े बालक नर ओर नारी मन में भाव जगा कर के

चलने वालो पर बाबा की छत्र छाया है

इस निशान को सच्चे मन से जो भी शीश झुकाता है

मनोकामना पूरी होती कृप्या श्याम की पाता है

इस निशान में श्याम धणी का तेज समाया है

सूरजगढ़ निशान को बिनू शीश झुका वंदन करता

भक्ती देता शक्ती देता सारे संकट हरलेता

भक्त ओर भगवान का इसने मेल कराया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।