मुझे पल पल आवे याद श्री जी तेरो बरसाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे पल पल आवे याद श्री जी तेरो बरसाना

मुझे पल पल, आवे याद, श्री जी तेरो, बरसाना ।

मुझे हर पल, आवे याद, किशोरी जी तेरो, बरसाना ।

ओ मेरे, बस में नहीं जज़बात, है मुश्किल, समझाना... ॥

मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...

तूँ जब-जब, मुझको बुलाती, मैं दौड़ी, दौड़ी आती ।

हदय से, अपने लगाती, तेरे आंचल, में छुप जाती ॥

मैं, कैसे भुलाऊँ, हर बात, किशोरी रस, बरसाना... ॥

मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...

वो, मंद-मंद, मुस्काना, और पास, मुझे बिठलाना ।

वो, मीठा सा बतियाना, सुनना कुछ, अपनी सुनाना ॥

वो करूणा, भरी सौगात, लाड का, बरसाना... ॥

मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...

दिल मेरा, हरदम चाहे, तेरे पास ही, मैं रह जाऊँ ।

बरसाना, ऐसे बुला लो, घर लौट, कभी ना जाऊँ ॥

मेरे, क्षमा करो अपराध, ना दर से, ठुकराना... ॥

मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...

हे अष्ट, सखियन दल वारी, हे राज, नन्दिनी प्यारी ।

गोपाली पूनम, हरि दासी की, तुम हो, सदा हितकारी ॥

भक्तन, पर की बरसात, ना मुझको, तरसाना... ॥

मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।