हे गजानंद गणपति, हम तुमको आज बुलाते हैं

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे गजानंद गणपति,

हम तुमको आज बुलाते हैं।

आओ आओ गणपति आओ,

आकर दर्शन दिखाओ ना॥

तेरी सूरत मन में बसती,

तेरा रूप निराला।

एक झलक जो मिल जाए तेरी,

मन हो जाए मतवाला॥

माथे चंदन तिलक सुहाए,

कानों कुंडल प्यारे।

लाल लंगोटा तन पर सोहे,

लगते सबसे न्यारे॥

तू ही मेरा मान बढ़ाए,

तू ही मेरी शान।

जब भी तेरा नाम पुकारूँ,

मिलता मन को ज्ञान॥

तेरी लीला कोई न जाने,

तू है अंतर्यामी।

तेरे आगे शीश झुकाकर,

मिटती हर नाकामी॥

तेरी भक्ति रंग चढ़ा दे,

ऐसा रंग चढ़ाना।

जन्म-जन्म मैं तुझको चाहूँ,

चरणों में रखना बप्पा॥

हे गजानंद गणपति,

हम तुमको आज बुलाते हैं।

आओ आओ गणपति आओ,

आकर दर्शन दिखाओ ना॥

सिंगर / लिरिक्स - ललित गेरा (SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।