सबसे पहले श्याम मन्दीर में सूरजगढ़ का निशान चढ़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्जः हल्वे हल्वे चाल कदे

सबसे पहले श्याम मन्दिर मे सूरजगढ़ का निशान चढ़े

फिर मन्दीर की शान बढ़े

श्याम मन्दीर मे जब भक्तो ने लगा दिया था ताला रै

भक्त मंगलाराम ने दिया मोरपंख का झाड़ा रै

खुलग्या ताला होगया चाल्ला देख थे सब खड़े खड़े

श्याम घणी के भक्त निराले पैदल चलके आवै स

एक संघ के साथ मे देखो नाचते कुदते आवै र स

जयकारा इसा लगावे खाटू नगरी गुज उठ़े

फागण की ग्यारस नै बाबा लाखो चढ़ निशान तेरै

मन इच्छा फल पूरी होव भगता की तू झोली भरै

दीनू इन्दोरिया बारस कै दिन शिखर बन्ध पे निशान चढ़े

पैदल जाते पैदल आते चमत्कार यो है तेरा

किशन जाँगिड़ फोजी के तू सिर पे रखदे हाथ जरा

सुनिल शर्मा दास तेरा वो हरदम श्याम ही श्याम रटे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।