अरे कौन लायो रे मेरे लाला का पालना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे कौन लायो रे मेरे लाला का पालना

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला, का पालना ॥

लाला, का पालना मेरे, लाला, का पालना ॥

अरे, कहाँ से, आयो रे, मेरे लाला, का पालना ।

अरे, कौन, झुलावे रे, मेरे कान्हा का पालना ।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, ब्रह्मा ने मंगाया ॥

माँ ब्रह्माणी, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, विष्णु ने मंगाया ॥

माँ लक्ष्मी, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, शिव भोले ने मंगाया ॥

माँ गौरा, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, श्री राम ने मंगाया ॥

माँ सीता, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, नंद बाबा ने मंगाया।

मईया यशोद्धा, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

ये पालना, भक्तों ने मंगाया ॥

सब सखियां, झुलावे रे, मेरे लाला, का पालना।

अरे, कौन, लायो रे, मेरे लाला का...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।