टेंशन नही लेनी नही लेनी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ कहंदी सुन मेरी लाल,

टेंशन नही लेनी नही लेनी,

मैं हर पल तेरे नाल टेंशन नही लेनी नही लेनी,

मैं ताही ता खुश रहना हां,

सारी दुनिया नु एहे कहना हां,

हर मुश्किल देनी ताल,

टेंशन नही लेनी नही लेनी......

परिवार हवाले माँ दे है,

कारोबार हवाले माँ दे है,

सब छड दे जन जाल,

टेंशन नही लेनी नही लेनी.....

जद तक दुनिया ते रहना है,

मैं जय माँ जय माँ कहना है,

मैं होना नही रेटर मैं पेंशन नही लेनी नही लेनी,

टेंशन नही लेनी नही लेनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।