आयी है आयी है आयी है दादी भादी मावस देखो आयी है भादी मावस भजन

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आयी है आयी है आयी है दादी भादी मावस देखो आयी है,

हो लायी है लायी है लायी है खुशियां हज़ारों संग लायी है।

मावस को तेरी जोत जगा हम उत्सव आज मनायेंगे,

तेरे नाम की मेंहदी मंडा करके तेरे चरणों में धोक लगायेंगे!

क्योंकि आयी है आयी है आयी है सिंह चढ़ दादी देखो आयी है!!

लायी है लायी है लायी है

दादी भक्तों ने हिलमिल कर दरबार तेरा मां सजाया है,

श्रद्धा और भाव के पुष्पों से श्रंगार तेरा मां कराया है!

क्योंकि छायी है छायी है छायी है मन में उमंगें छायी है!!

लायी है लायी है लायी है

मन मंदिर में तेरी छवि बसा, मां तुझको आज पुकारा है,

कहता अनुराग हम भक्तों का तेरे चरणों में ही गुजारा है!!

लायी है लायी है लायी है खुशियां हज़ारों संग लायी है

हो आयी है आयी है आयी है दादी भादी मावस देखो आयी है!!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।