यशोद्धा के भए नंदलाल बधाई ले के जाऊँगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यशोद्धा के भए नंदलाल

यशोद्धा के, भए नंदलाल, बधाई ले के जाऊँगी ॥

बधाई, ले के जाऊँगी, बधाई ले के जाऊँगी ॥

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

कोई लाया, धोती कुर्ता, कोई लाया टोपी ।

मैं तो, ले आई, खड़ताल, बधाई ले के जाऊँगी ।

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

कोई लाया, चांदी सोना, कोई खेल खिलौना ॥

मे तो, ले आई, रुमाल, बधाई ले के जाऊँगी ।

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

कोई वारे, रुपया पैसा, कोई वारे हीरा मोती,

मैं तो, तन मन, लुटाऊँ आज, बधाई ले के जाऊँगी ।

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

बाजे, बधईया, नन्द जी के द्वारे ।

छाये बदरवा, रिमझिम फुहारें,

आरती के, सज रहे थाल,

बधाई ले के जाऊँगी ।

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

बरसों, के बाद, शुभ घड़ी, हैं आई ।

गोकुल में, खुशियाँ, हैं छाई ॥

मे तो, झूम झूम, नाचूँ आज, बधाई लेके जाऊँगी ।

यशोद्धा के, भए नन्दलाल, बधाई ले के...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।