हे गणराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे गणराजा

हे गणराजा विघ्न विनाशा, रखना तु मेरी लाज।

हे बुद्धिदाता हे सिद्धिदाता,करना मेरी सहाय॥

हे सुखकर्ता हे दुखहर्ता, करो मन में मेरे निवास।

हे गौरी नंदन शिवसूत वंदन,करो पूरी मेरी आस॥

हे भाग्य विधाता विवेक प्रदाता,करो कामना पूरी आज

गणराज गणराज 2, गणराज गणराज 2॥

हे गणराजा विघ्न विनाशा, रखना तु मेरी लाज।

हे बुद्धिदाता हे सिद्धिदाता,करना मेरी सहाय॥

हे सुखकर्ता हे दुखहर्ता, करो मन में मेरे निवास।

हे गौरी नंदन शिवसूत वंदन,करो पूरी मेरी आस॥

हे भाग्य विधाता विवेक प्रदाता,करो कामना पूरी आज

गणराज गणराज 2, गणराज गणराज 2॥

लेखक,गायक:- पंडित मनोज नागर 9893377018

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।