आऊँ जो खाटू ख़ाली मुझको

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आऊँ जो खाटू ख़ाली मुझको लौटाना नहीं

झोली को भरना आँखे चुराना नहीं

आऊँ जो खाटू ख़ाली मुझको लौटाना नहीं

सोचा है मैंने बाबा मैं भी खाटू आऊँ

दिल की कहानी सारी तुमको ही सुनाऊँ

कैसे सुनाऊं आता सुनाना नहीं

आऊ जो खाटू ख़ाली मुझको लौटाना नहीं

दुनिया के ताने सह के द्वार तेरे आया

हारे का साथी है तू नाम यही गाया

हारे हुए को बाबा हराना नहीं

रेम तुमसे कितना बाबा कैसे बताऊँ मैं

भाँवो को अपने दिल के कैसे दिखाऊँ मैं

आता अनुज को कुछ भी जताना नहीं

लेखक अनुज जैन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।