भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी

राजा राम तेरी नगरी में कोई ना सुखी

एक गंगा सुखी एक यमुना सुखी

जब पाप बड़े तो दोनों दुखी भगवान

तेरी नगरी में कोई ना सुखी

एक चंदा सुखी एक सूरज सुखी

जब ग्रहण पड़े तब दोनों दुखी भगवान

तेरी नगरी में कोई ना सुखी

एक माता सुखी एक पिता सुखी

जब पुत्र कुपुत्र तो दोनों दुखी

भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी

एक राजा सुखी एक रानी सुखी

जब राज लूट तब दोनों दुखी

भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी

एक राम सुखी एक लक्ष्मण सुखी

जब बन को गए तो दोनों दुखी

भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।