मेरा मन गीत खुशी के गाये

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

हृदय अंदर जोत जगी है |

हृदय अंदर जोत जगी है |

सुखी खेती आज हरी है||

सुखी खेती आज हरी है||

नैना नीर बहाए

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए ||

दर्श वर्ष सतगुरु का पाया

दर्श वर्ष सतगुरु का पाया |

निर्मल हो गई मेरी काया

निर्मल हो गई मेरी काया||

मेरा मन हर पल खुशी मनाए

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए ||

प्रेम का दरिया उमड़ चला है

प्रेम का दरिया उमड़ चला है |

गुरु चरणों मे प्यार मिला है

गुरु चरणों मे प्यार मिला है||

मैं सेवा करूं दिन राती

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

मेरा मन गीत खुशी के गाये

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

आज मेरे सतगुरु घर पर आए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।