मेरी किस्मत बाबा अब तेरे हाथो में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नहीं जो थामा तुमने साँवरियाँ कहाँ जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

तेरा सहारा मुझको साँवरियाँ कहाँ जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

मेरी किस्मत बाबा ,अब तेरे हाथो में

नहीं जी पाऊँगा मैं ,ऐसे हालातो में

तू ही बता तू ही बता 2

मेरी जो किस्मत ना सवारोगे, कहाँ जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

तेरे होते बाबा ,कहीं हार ना जाऊँ मैं

दुख इतने जीवन में ,कहीं पार ना पाऊँ मैं

तू ही बता तू ही बता 2

मेरे जो दुखड़े ना मिटाओगे कहाँ जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

ठुकराया जमाने ने बस तुम पे भरोसा है

अपनों ने भी बाबा मुझे हर पल कोसा है

तू ही बता तू ही बता 2

नजर जो मुझसे तुम भी फेरोगे कहा जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

अब इतनी परीक्षा तो ,नहीं दे पाऊँगा मैं

तुमने जो छोड़ दिया ,तो मर जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

अनुज को धीरज ना बंधाओगे कहा जाएगा वो

तू ही बता तू ही बता 2

बस तुमसे आस मेरी गर वो भी टूट गई

तक़दीर मेरी जैसे मुझसे ही रूठ गई

तू ही बता तू ही बता 2

शरण में जो ना मुझको लोगे तुम कहाँ जाऊँगा मैं

तू ही बता तू ही बता 2

लेखक अनुज जैन

सिंगर शुभम चौहान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।